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Ras Yoga Vati
 

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Laxmivilas Ras

 
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Laxmivilas Ras
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शिर:शूल, प्रमेह, ज़ुकाम, समस्त प्रसुत रोग, नाडी रोग, इन्द्रियशिथिलता, केश विकार, हृदय रोग में एवं कामशक्ति, नेत्रज्योति, वृद्धि के लिये

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